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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार: केशव प्रसाद मौर्य

Gargachary Times 27 October 2026, 19:50 46 views
Lucknow
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से ग्रामीण आवासहीन परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक पात्र परिवार को आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार आवास के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को लखनऊ स्थित हयात रीजेंसी में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की क्षेत्रीय ग्रामीण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र वितरित कर उन्हें अपने आवास के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उप मुख्यमंत्री ने कार्यशाला के आयोजन के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की समस्या के समाधान को नई गति दी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 42 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण के तहत आवास तथा लगभग 6 लाख आवास मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण के तहत आवंटित किए जा चुके हैं। प्रदेश में योजना का निरंतर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और आवास उपलब्ध कराने के साथ पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री‌ नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर संचालित योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। एक सुरक्षित आवास परिवार को न केवल मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की गरिमा, परिवार के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराता है। आवास मिलने से ग्रामीण परिवारों में भविष्य के प्रति भरोसा बढ़ता है और वे आजीविका तथा आर्थिक प्रगति के अन्य अवसरों का लाभ उठाने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास निर्माण को केवल भौतिक उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार के व्यापक लक्ष्य से जोड़ना आवश्यक है। आवास योजना के साथ पेयजल, स्वच्छता, बिजली, रसोई गैस, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे लाभार्थी परिवारों को समग्र विकास का लाभ मिल सके। हमारा प्रयास होना चाहिए कि आवास का लाभ प्राप्त करने वाले परिवारों के जीवन में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन आए। उन्होंने कार्यशाला में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए अधिकारियों से कहा कि वे योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अपने अनुभवों, सफल प्रयोगों और व्यावहारिक चुनौतियों को खुलकर साझा करें। इस तरह की कार्यशालाएं एक-दूसरे से सीखने, समस्याओं के समाधान खोजने और बेहतर कार्यपद्धतियों को अपनाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे योजना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में इसके क्रियान्वयन को और बेहतर किया जा सके। मौर्य ने लाभार्थियों के चयन में पात्रता के मानकों का पालन करने, आवास स्वीकृति से लेकर निर्माण पूर्ण होने तक नियमित निगरानी रखने तथा पात्र परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना और क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे लाभार्थियों को सुरक्षित और टिकाऊ आवास मिल सके। उन्होंने कार्यशाला की सफलता की कामना करते हुए कहा कि यहां होने वाला सार्थक विचार-विमर्श ग्रामीण आवास व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में उपयोगी सिद्ध होगा।उप मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को आवासों के स्वीकृति-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को आवास उपलब्ध कराकर उसके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से योजना की प्रगति, क्रियान्वयन की चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर गंभीरता से विचार-विमर्श करने तथा उपयोगी सुझाव प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश सरकार की ग्राम्य विकास राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं के विकास से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय और प्रभावी निगरानी आवश्यक है। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्री सौरभ बाबू ने अतिथियों का स्वागत किया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक (ग्रामीण आवास) शक्तिकांत सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना की प्रगति, प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने नियमित निगरानी, डिजिटल सोशल ऑडिट और क्लस्टर आधारित आवास मॉडल जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही तथा कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने नवाचार, गुणवत्ता और राज्यों के बीच बेहतर कार्यपद्धतियों के आदान-प्रदान पर जोर दिया। कार्यशाला के दौरान बस्ती, फतेहपुर और लखीमपुर खीरी के जनपद स्तरीय अधिकारियों ने योजना के धरातलीय क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र में आवास निर्माण, निगरानी, गुणवत्ता सुधार और प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान पर चर्चा हुई। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 27 एवं 28 अक्टूबर, 2026 को आयोजित इस क्षेत्रीय कार्यशाला में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड एवं पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के योजना से जुड़े अधिकारी प्रतिभाग किया। कार्यशाला में आयुक्त, ग्राम्य विकास प्रमोद कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार पीयूष श्रीवास्तव तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार सहित केंद्र एवं प्रदेश सरकार के अधिकारी उपस्थित रहे।
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