पति की मौत को आत्महत्या नहीं, साजिश बता रही पत्नी, एसएसपी से मुकदमा दर्ज कराने की गुहार
Gargachary Times
29 October 2026, 20:11
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Firozabad
*फिरोजाबाद।* थाना उत्तर क्षेत्र के नगला मिर्जा छोटा निवासी पूनम ने अपने पति विकास कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) फिरोजाबाद से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति की मौत को आत्महत्या बताया गया, जबकि उसे इस मामले में साजिश की आशंका है। उसने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है।14 जुलाई 2024 को हुई थी पति की मौत पूनम के प्रार्थना पत्र के अनुसार, उसके पति विकास कुमार पुत्र अशोक कुमार की 14 जुलाई 2024 को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-3ए, फेस-2, लक्ष्मण विहार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वहां की पुलिस ने मौत का कारण फांसी लगाकर आत्महत्या बताया था और मृत्यु की तारीख 15 जुलाई 2024 दर्ज की थी।पूनम का कहना है कि घटना के समय वह अपने मायके में थी। उसे पति की मौत की जानकारी तत्काल नहीं दी गई, बल्कि 16 जुलाई 2024 को एक रिश्तेदार से फोन पर बातचीत के दौरान इस घटना का पता चला। इसके बाद से ही उसे पति की मौत को लेकर संदेह है। 15 लाख रुपये और मकान को लेकर विवाद का आरोप
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका पति सोफा बनाने का कुशल कारीगर था और गुरुग्राम में मकान खरीदना चाहता था। इसके लिए उसने मेहनत-मजदूरी करके करीब 15 लाख रुपये जमा किए थे। पूनम का आरोप है कि उसके ससुर अशोक कुमार की फिरोजाबाद के रामलीला काठ बाजार में फर्नीचर की दुकान है, जिसमें आग लगने से नुकसान हुआ था। दुकान के पुनर्निर्माण के लिए पति से रुपये मांगे गए थे, लेकिन उसने अपनी पत्नी की गर्भावस्था और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए अतिरिक्त पैसे देने में असमर्थता जताई थी।
पूनम के अनुसार, इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष उससे और उसके पति से नाराज रहता था। उसने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों और पति के साथ काम करने वाले परिचितों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य अभिलेख न देने का आरोप
पूनम का कहना है कि पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष ने उसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित मृत्यु से संबंधित अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। उसने आरोप लगाया कि उसे मामले की जांच से जुड़ी जानकारी भी नहीं दी गई। पीड़िता के मुताबिक, पति की मौत के बाद वह गहरे सदमे में चली गई थी और काफी समय तक सामान्य स्थिति में नहीं रह सकी।गुरुग्राम पुलिस से भी शिकायत करने का दावा पीड़िता के अनुसार, उसने फिरोजाबाद के थाना उत्तर में जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसएसपी से भी गुहार लगाई। फिर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, फिरोजाबाद के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र दिया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। पूनम के मुताबिक, न्यायालय ने उसे संबंधित क्षेत्र में जाकर शिकायत दर्ज कराने का विकल्प बताया था।
पूनम ने बताया कि 11 मई 2026 को वह गुरुग्राम के सेक्टर-9ए थाने पहुंची और शिकायत दी। आरोप है कि वहां से उसे सेक्टर-4 स्थित सूर्य विहार पुलिस चौकी भेज दिया गया। पीड़िता का दावा है कि जांच अधिकारी ने मामला पुराना होने की बात कहते हुए सहायता करने में असमर्थता जताई। उसे पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित बयानों की जानकारी भी नहीं मिली।अब पूनम ने एक बार फिर एसएसपी फिरोजाबाद से मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी शिकायत पर उचित कानूनी कार्रवाई करने और जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। फिलहाल, पति की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही हो सकेगी।