आंगनबाड़ी योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश
Gargachary Times
2 November 2026, 20:21
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Firozabad
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की उपस्थिति में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर और जिला कार्यक्रम अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान योजनाओं की प्रगति खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी और सभी सीडीपीओ को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के पद रिक्त हैं, उन्हें शीघ्र भरा जाए। साथ ही अधूरे पड़े आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि छोटे बच्चों को इनका लाभ मिल सके।
बैठक में बताया गया कि जनपद में 32 आंगनबाड़ी भवनों में से 24 पूर्ण और छह अपूर्ण हैं। शिकोहाबाद में सबसे अधिक भवन अधूरे पाए गए। वहीं बाल मैत्री शौचालयों में 157 के सापेक्ष 124 पूर्ण और 37 अपूर्ण बताए गए। पोषण वाटिकाओं में 47 के सापेक्ष 29 पूर्ण मिलीं। इस पर डीएम ने सभी लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
मातृ वंदना योजना की समीक्षा में भी प्रगति खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। बताया गया कि प्रथम संतान होने पर पात्र लाभार्थियों को दो किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। जनपद को योजना के तहत 15,993 का वार्षिक लक्ष्य दिया गया है, लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। डीएम ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर लक्ष्य पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
वहीं एफआरएस (चेहरा पहचान प्रणाली) के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। इसमें लाभार्थियों को पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से चेहरा स्कैन कराकर पोषाहार प्राप्त करना होता है। समीक्षा में एका, खैरागढ़ और शिकोहाबाद की सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों का प्रदर्शन खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
अंत में जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि विभागीय कार्यों की दैनिक प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके और लापरवाही करने वालों पर समय से कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।