संस्कृति विवि में विद्वानों ने बताया संविदा प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही का महत्व
Gargachary Times
3 November 2026, 20:08
50 views
Education
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार “निवारक सतर्कता अभियान 2026” के अंतर्गत “संविदा प्रबंधन” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान संस्थागत अनुबंधों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता एवं वित्तीय अनुशासन के महत्व को विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शिव नारायण शर्मा द्वारा स्वागत संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने आमंत्रित विशेषज्ञ का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी संविदा प्रबंधन की आवश्यकता एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे संस्कृति विवि के स्कूल आफ मैनेजमेंट के वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर सी. एन. रामनाथन अय्यर ने बतौर विषय विशेषज्ञ संविदा प्रबंधन की व्यवस्थित एवं प्रभावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से खरीद प्रक्रिया, निविदा आमंत्रण, विक्रेताओं का चयन, अनुबंधों का निष्पादन, कार्यों की निगरानी तथा भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि पारदर्शी एवं प्रभावी संविदा प्रबंधन से अनियमितताओं को रोकने, वित्तीय जोखिमों को कम करने तथा संस्थागत संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान संविदा प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इनमें अनुबंधों एवं स्वीकृतियों का उचित अभिलेख संधारण, निष्पक्ष खरीद प्रक्रिया का पालन, वस्तुओं एवं सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति की निगरानी, अनुबंध की शर्तों एवं दायित्वों की नियमित समीक्षा तथा निर्धारित शर्तों के अनुरूप कार्य पूर्ण होने और उसकी पुष्टि के बाद ही भुगतान सुनिश्चित करना प्रमुख रहे।
इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट किया गया कि अनुबंधों की नियमित निगरानी, कार्यों में पाई जाने वाली कमियों की समय रहते पहचान तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और अनावश्यक व्यय को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृत विश्वविद्यालय ने नैतिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करने, संस्थागत जवाबदेही को सुदृढ़ बनाने तथा संविदा एवं खरीद संबंधी गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम ने सुशासन की स्थापना एवं संस्थागत गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखने में जिम्मेदार एवं पारदर्शी संविदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के समन्वयक एसओएमसी के सहायक प्रोफेसर डॉ. इश्फाक बशीर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।