आरएसएसएचआई द्वारा आयोजित कांफ्रेंस के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार, दवाई और तकनीकियों से कराया अवगत
Gargachary Times
20 September 2025, 21:20
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Agra
आगरा। ब्लड प्रेशर के असंतुलित होने के कारण विभिन्न प्रकार के घातक रोग और परेशानियां उत्पन्न होती हैं, जिस वजह से ब्लड प्रेशर को घातक रोगों की जननी कहा जाता है। वहीं दूसरी और स्ट्रेस (मानसिक तनाव) बढ़ा रहा हाइपरटेंशन के मरीज। खाने में अधिक नमक के सेवन से ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या में निरंतर हो रहा इजाफा। आधुनिक जीवन में व्यस्ततम जीवन शैली और व्यायाम नहीं कर पाने, नींद के नहीं पूरे होने से ब्लड प्रेशर का बिगड़ रहा संतुलन। हाईपरटेंशन पर आरएसएसएचआई द्वारा आयोजित कांफ्रेंस में मुंबई, दिल्ली, ग्वालियर व अन्य शहरों से आए विशेषज्ञों ने ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए आधुनिक उपचार, दवाई और तकनीकियों से कराया अवगत। हाईपरटेंशन से पैदा होने वाली घातक बीमारियों के निराकरण के लिए ताजनगरी में फतेहाबाद रोड स्थित होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में पहली बार रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडी आफ हाइपरटेंशन इन इंडिया के तत्वावधान में तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुंबई दिल्ली ग्वालियर मुरादाबाद सहित देश के कई अन्य बड़े शहरों से आए विशेषज्ञों ने सुबह से प्रारंभ हुए अपने विशेष सत्रों में हाइपरटेंशन ब्लड प्रेशर के आधुनिक उपचार, दवाई और तकनीकियों पर चर्चा की। मुंबई से आए डॉ. आनंद राम ने क्रोनॉथैरेपी इन हाईपरटेंशन विषय पर और एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन प्रोफेसर डॉक्टर प्रभात अग्रवाल ने हाइपरटेंशन इन डायबिटिक्स विषय पर विचार रखे। विशेषज्ञों का कहना था कि हाइपरटेंशन ब्लड प्रेशर विभिन्न प्रकार के घातक रोगों की जननी है। ब्लड प्रेशर असंतुलित होने के कारण ब्रेन स्ट्रोक, किडनी, गुर्दा रेटिना और फेफड़े संबंधित रोग और परेशानियां निरंतर मरीजों में बढ़ रही हैं। उन्होंने उपचार की भी जानकारी दी। तीसरे सैशन में इनहिबिटशन ऑफ एनजीओटेंशन इन द ट्रटीमेंट ऑफ हाईपरटेंशन पर डॉ. मुदित खुराना, इनहिबिशन कॉम्बाइन द रैपी फॉर हाईपरटेंशन : बैक्ग्राउडं एंड रेटेशनल विषय पर डॉ. रजनीश सिंह, चौथे सैशन में रैसिसटेंशन हाईपरटेंशन : की कैंसैप्ट विषय पर डॉ. चंदन सिंह, मैनेजमेंट ऑफ हाईपरटेंशन इन सीवीए : बेसिस फंडामेंटल एंड ड्रग चौइस पर डॉ. सर्वेश अग्रवाल ने अपने विचार रखे।