वृंदावन में स्मार्ट मीटर के खिलाफ भड़का जनाक्रोश, व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
Gargachary Times
22 September 2025, 16:25
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Mathura
उत्तर प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर लोगों में नाराजगी तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को वृंदावन में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चुंगी चौराहा से रंगजी के बड़ा बगीचा बिजली घर तक पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग पर मनमानी और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे व्यापारी नेता धनेंद्र अग्रवाल बॉबी ने कहा कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति और पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर जबरन लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि मीटर बदलने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि भी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा के अनुसार उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार भी छीना जा रहा है।पहले जो मीटर लग रहे थे, उनसे जनता को कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन स्मार्ट मीटर आम जनता के लिए महंगाई के साथ साथ एक बड़ी समस्या भी है। उनका कहना था कि विभाग बिना किसी कारण के मीटरों को क्यों बदल रहा है। कहा कि अगर स्मार्ट मीटरो पर रोक नहीं लगाई गई, तो समस्त व्यापारी आम जनता को साथ लेकर एक बड़े आन्दोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि आज ज्ञापन लेने के लिए विद्युत विभाग का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी बिजली कंपनी पर मौजूद नहीं था। कही न कही यह यही दर्शाता है कि अधिकारी गलत और जनता सही है। यदि विद्युत विभाग के द्वारा रवैया अपनाया गया है। अगर विद्युत विभाग अधिकारियों का यही रवैया रहा तो आगे और भी उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। जिसका जिम्मेदार स्वय विद्युत विभाग होगा।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मीटर लगने के बाद कई मामलों में उपभोक्ता के पोर्टल पर उसका रिकॉर्ड अपडेट नहीं होता, जिससे महीनों तक बिल नहीं आता और फिर एक साथ भारी-भरकम बिल थमा दिया जाता है। विभाग के रवैये को तानाशाही बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से जनता का भरोसा टूट रहा है और यह विभाग की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। नए कनेक्शन के लिए शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी को लेकर भी गुस्सा दिखा। अब उपभोक्ताओं को सिंगल फेज स्मार्ट मीटर के लिए 6016 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं, जो पहले महज 872 रुपए था। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर यह प्रक्रिया इसी तरह मनमानी और बिना जनसंवाद के जारी रही तो बड़ा जन आंदोलन खड़ा हो सकता है।
इस मौके पर लक्ष्मी नारायण दीक्षित, आनंद गुप्ता, लक्ष्मीनारायण साइनेज शैलेन्द्र शर्मा, राहुल शुक्ला, सेटी सैनी, शशिकांत शर्मा, बिहारी लाल, कन्हैया लाल, पुराण सिंह, विकास ठाकुर, ललित, दीपक, विष्णु, आशीष ठाकुर, हरिओम ठाकुर, श्याम सिंह, अशोक, करन, हेमंत आदि मौजूद रहे।