पराली जलाने वाले किसानों पर होगी कड़ी कार्यवाही
Gargachary Times
22 September 2025, 21:28
249 views
Mathura
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जनपद के समस्त किसानों को सूचित किया है कि मा० उच्चतम न्यायालय एवं मा० राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली द्वार, फसल अवशेष जलाना दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है। तथा फसल अवशेष जलाते हुए पकडे जाने पर निम्नानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
1. 02 एकड से कम क्षेत्र के लिए रू 5000/-, 02 से 05 एकड क्षेत्र के लिए रू 10000/- एवं 05 एकड से अधिक क्षेत्र के लिए रू 30000 की प्रति घटना का प्राविधान है।
2. यदि जनपद में कोई कम्बाइन हार्वेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम अथवा स्ट्रा रैक एवं बेलर या अन्य फसल अवशेष यन्त्रों के बगैर चलते हुयी पायी जायेगी तो उसको तत्काल सीज करते हुए कम्बाइन मालिक के स्वंय के खर्च पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम लगवाकर ही छोड़ा जायेगा।
3. यदि कोई कृषकं फसल अवशेष (पाली) जलाता हुआ पकडा जाता है तो उसको सुंसगत धाराओं के अन्तर्गत करावास भी भेजा जा सकता हैं।
4. कुछ किसान भाई इस भ्रम में रहते हैं कि रात्रि में या सुबह 2-3 बजे पराली / फसल अवशेष में आग जलाने पर किसी को पता नहीं चलेगा, इस विषय में अवगत कराना है कि पराली / फसल अवशेष जलाने की सूचना उपग्रह द्वारा 24 घण्टे रीयल टाइम फोटो सहित प्रेषित की जाती है, इसलिए कोई सम्भावना नहीं है कि पराली / फसल अवशेष जलाने की घटना को छुपाया जा सके । प्रत्येक घटना के सटीक अक्षान्तर, देशान्तर उपग्रह इमेज के द्वारा जिला प्रशासन को कार्यवाही हेतु उसी दिन उपलब्ध करा दिये जाते हैं जिस पर मा० उच्चतम न्यायालय एवं मा० एन०जी०टी० के निर्देशों के क्रम में तत्काल कार्यवाही किया जाना जिला प्रशासन का दायित्व होता है ।
जिला अधिकारी ने सभी किसानों से अनुरोध किया है कि किसी भी फसल के अवशेष को खेतों में न जलायें बल्कि मृदा में कार्बनिक पदार्थो की वृद्धि हेतु पादप अवशेषों को मृदा में मिलावें / सडावें।